Sunday, 23 July 2023

गाम बेचकै शहर खरीद लिया

 गाम बेचकै शहर खरीद लिया, कीमत बेउन्मान चुकाई देखो।

जिंदगी की खुशी गैहनै धरकै, कोली मैं भरी तन्हाई  देखो।

1

बेच कै ईमान और धरम क्यों, अपनी ऐस खरीद ली हमनै 

संतोष खोकै तृष्णा खरीदी, इंसानियत भी बेच दी हमनै 

किल्ले बेच कै प्लाट खरीदया केहता घूमै मेरी चतुराई देखो।।

2

संयुक्त परिवार झटक्या एकल भी,आज सिंगल घूम रहया 

नाते रिश्ते चालाकी भरे म्हारे उन्माद के ऊपर झूम रहया 

मिठास ना कितै टोही पावै, कड़वाहट घर घर मैं छाई देखो।।

3

बाण तैं बुनी खाट रही ना, मैट्रेस उपर सोवण  लाग लिए 

अचार मुरब्बे सब भूल गए हम भूल सरसों का साग लिए 

बर्गर पिज्जा चिप्स कैंडी गेल्याँ अपनी थाली सजाई देखो।।

4

टांड़ पै बिठादी इंसानियत क्यों मक्कारी  की कोली भरली

मक्कारी धोखेबाजी बेवफाई  क्यों अपने भितरले

मैं धरली

रणबीर पैसे की लालच नै दुनिया मैं क्यों अंधेर मचाई देखो।।

Wednesday, 21 June 2023

डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर


डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर थारी क़ुरबानी रंग ल्यावैगी।।
स्वतंत्र हिन्दुस्तान मैं या जरूर नया इतिहास रचावैगी।।
अग्रगामी चेतना की हत्या करकै हत्यारे बच ना पावैंगे
हर जागां डॉक्टर नरेंद्र पावैं जिस मोड़ पै ये लखावैंगे
अंध श्रद्धा उन्मूलन खातिर कतार इब बढ़ती जावैगी।।
आहात सां सन्तप्त सां सुण्या जब थारे कत्ल बारे डॉक्टर
गुस्सा हमनै घणा आरया सै हिम्मत कोण्या हारे डॉक्टर
तेरी क़ुरबानी यकीन मेरै घर घर मैं मशाल जलावैगी।।
लेखक संस्कृतकर्मी वैज्ञानिक कट्ठे हुए सैं कलाकार
पूरे हिन्दुस्तान के नर नारी हम देवां मिलकै ललकार
रूढ़िवाद की ईंट तैं ईंट देश मैं इब तावली बज पावैगी।।
हमनै बेरा उन ताकतों का जिणनै कत्ल करया थारा रै
होंश ठिकाणै सैं म्हारे जबकि खून खोल गया म्हारा रै
रणबीर सिंह नै कलम ठाई पूरी दुनिया नै जगावैगी ।।

दुलीना कांड

         दुलीना कांड

दुलीना कांड नै यो पूरा एक साल हो लिया रै।। सारे कातिल छूट कै आगे बुरा हाल हो लिया रै।।
1
माणस मारे पुलिस चौकी मैं सबकै स्याहमी  आई रे
गुपचुप चुप करवाए नहीँ करी  कानूनी कार्यवाई रै
माणस तैं बढ़कै गऊ धर्म ठेकेदार नै बात बताई रै
गऊशाला मैं नहीं ले जाते सुन्नी गऊ देवैं दिखाई रै
गऊ चमड़े पै कई जागां खड़या बबाल हो लिया रै।।
2
चमड़े के ठेके सभी गौशाला सारे कै ठवावैं देखो
गऊ के नाम पै चंदा सारा ये सबतैं ले ज्यावैं देखो
गऊआं की हड्डी चिलकैं कोये डॉक्टर ना बुलावैं देखो
गऊ की हालत गौशाला मैं कई कई मरी पावैं देखो
गऊ हिम्माती बणे हत्यारे किसा कमाल हो लिया रै।।
3
जिंदा की कोये सम्भाल नहीं मरी पै माणस मार रहे
गऊ के रक्षक चमड़े का कर करोड़ां का व्यापार रहे
बणा गऊ नै मोहरा दलितों पर कर अत्याचार रहे
अल्प संख्यक पै हमले गऊं का बणा हथियार रहे
गऊ पै करैं राजनीति खड़या यू सवाल हो लिया रै।।
4
ट्रैक्टर खेती मैं आया तो बुलध कितै कितै रैहग्या
गऊ का सम्मान समाज मैं इसे करकै फेर ढ़ेहग्या
ट्रैक्टर कम्पनी ऐश करैं यो किसान गऊ पै फैहग्या
सोचो क्यूं मार काट गऊ पै रणबीर सिंह न्यों कैहग्या
गऊ का चमड़ा आड़ै धर्म की बेढंगी चाल हो लिया रै।।

Monday, 12 June 2023

उन्नीस सौ सात आंदोलन बारे 

 1156

उन्नीस सौ सात आंदोलन बारे जब हम किताब ठावैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

1

लाला जी और अजित सिंह इस आंदोलन के अगाड़ी थे

पगड़ी सम्भाल आंदोलन के वे घणे तगड़े खिलाड़ी थे

पढ़कै पगड़ी सम्भाल जट्टा बांके दयाल कवि सुनावैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

2

गीत नै अभिमान किसानों का उन बख्तों मैं ललकार दिया

इस कविता के भाव को किसानों नै कर अंगीकार लिया

गोरे दबावण की खातर किसानों ऊपर घणे जुल्म ढावैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

3

गोरी सरकार कृषि कानून उन्नीस सौ सात के मैं ल्याई थी

चुपके चुपके पास करया नहीं चर्चा किसे तैं चलाई थी

नहर कालोनियां मैं रहवनियाँ के वे हक खोसे चाहवैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

4

बे उल्लादे जमींदार के मरे पाछै जमीन खोसी चाही थी

जिला अफसर मालिक होगा या काली कानून बनाई थी

लायलपुर मैं होकै कट्ठे ये हजारों किसान विरोध जतावैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

5

अजित सिंह लाला जी नै किसानों साथ मिलकै विरोध जताए

अनदेखी करी गोरयां नै और घणे उनपै जुल्म थे ढाये

दोनूं मांडले जेल भेज दिए गोरे आंदोलन दबाया चाहवैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

6

पूरा पंजाब कट्ठा होकै नै विरोध जतावण के ऊपर भिड़ग्या

बढ़ता गया विरोध गोरयां का कानून खारिज करणा पड़ग्या

ऐतिहासिक हुया वो आंदोलन जब हम हिसाब लगावैं रै ।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

7

गदर लहर बब्बर अकाली इणनै ये विचार आगै बढ़ाये थे 

भगत सिंह हर बरगे क्रांतिकारी आजादी जंग मैं छाये थे

उन्नीस सौ सैंतालीस मैं गोरयां तैं आजादी भारतवासी पावैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

8

रणबीर फेर दी गूंज सुनाई पगड़ी सम्भाल सरोकारों की

काले कानून ल्याई सरकार नहीं पूछ म्हारे विचारों की

पगड़ी सम्भाल स्वाभिमान पै ये गायक गीत सुनावैं रै।।

यो किसानों का इतिहासी बड्डा जंग कसूता बतावैं रै।।

मुस्कान बेनीवाल 

 1157

मुस्कान बेनीवाल ने जॉर्डन में हुई 

एशिया बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है । क्या बताया भला ---

*धन धन मुस्कान बेनीवाल तनै प्रदेश का नाम चमकाया हे।।*

*हरियाणा और रोहतक का नाम दुनिया मैं लिखवाया हे ।।*

सारा हरियाणा यो देण लग्या बहोत बहोत बधाई

नवीन कोच की अर थारी मेहनत सही रंग ल्याई

*घर परिवार नै भी तेरा यो होंसला खूब बढ़ाया हे ।।*

हरियाणा और रोहतक का नाम दुनिया मैं लिखवाया हे ।। 


माता पिता नै उम्मीद थी तुम्हारे गोल्ड मैडल ल्याणे की

यो शीतल नगर बाट देखरया घर घर ख़ुशी मनाणे की

*जसबीर स्मारक तेरी जीत पै यो खुशी मनाता पाया हे।।*

हरियाणा और रोहतक का नाम दुनिया मैं लिखवाया हे ।।

सारे दांव पेंच सीखण की हिम्मत करती चली गई

एक एक कदम बढ़ा कै तूँ आगै बढ़ती चली गई

*जॉर्डन एशिया बॉक्सिंग मुकाबले मैं स्वर्ण जीतकै दिखाया हे ।।*

हरियाणा और रोहतक का नाम दुनिया मैं लिखवाया हे ।।

बढ़ो हमेशा आगै मुस्कान बेटा मुड़कै कदे देखियो मतना

मुश्किल आवैं राह मैं डरकै थाम गोड्डे टेकियो मतना 

*रणबीर बरोने आले नै तत्काल  यो छंद बनाया हे।।*

हरियाणा और रोहतक का नाम दुनिया मैं लिखवाया हे ।।

14.03.2022

जागज्यावां मजदूर किसान

 जागज्यावां मजदूर किसान, देखो हमनै कौण लूट रहे।।

दिन रात हम काम करैं, फेर भी मुश्किल पेट भरैं
करैं मौज आड़ै धनवान, हम पाणी गेल्याँ रोटी घूंट रहे।।
ये पंडे और पुजारी लूटैं, ये अमरीकी ब्योपारी लूटैं
लुटैं क्यों हम भगवान,क्यों अमरीका यूके खागड़ छूट रहे।।
इब तो.......
बिजली चमकै औले पड़ते, हम पाणी के भीतर बड़ते
लड़ते सरहद ऊपर जवान,वे चांदी महलां अंदर  कूट रहे।।
इब तो .....
धनवानों के महल अटारी, खोस लेज्यां मेहनत म्हारी
उतारी म्हारे घरां की छान, बांस ऊँनके बीच तैं टूट रहे।।
इब तो....
जब जब ठाये हमनै झंडे, पुलिस के खाये गोली डंडे
बनादें मरघट का शमशान, घाल कमेरयां भित्तर फूट रहे।।
इब तो.....
सब इंसान कर दिये लाचार, नाव फंसाई बीच मंझदार
हरबार लड़ावैं ये बेईमान, म्हारा सब किमै देखो चूट रहे।।
इब तो....
सुन रणबीर सिंह के गाणे, रोवैं बूढ़े और घणे स्याणे
याणे करे दारू नै गलतान ,भाइयो बोल नहीं झूठ रहे।।
इब तो ....

Friday, 26 May 2023

खिलाड़ियों पर रागनियां 9

 


********1
आज बेरोजगारी ने कहर ढाह दिया हरियाणा में
दारू का गांव शहर नशा फैला दिया हरियाणा में
घर तो कोई बचा नहीं कोई सदस्य बचा होगा घर में
साथ में महंगाई ने तहलका मचा दिया हरियाणा में
बेरोजगार युवक युवती गलत कामों में लगा दिए
बहुत युवाओं को फंसा जेल पहुंचा दिया हरियाणा में
बेरोजगार है तो ब्याह शादी भी नहीं हो पा रहे
बहू यूपी बिहारी लाओ फैशन चला दिया हरियाणा में
खरीदी बहू का रिवाज चल पड़ा आज हरे-भरे प्रदेश में
युवा दोषी नहीं पर उसे दोषी ठहरा दिया हरियाणा में
कीटनाशक पेस्टिसाइडस का इस्तेमाल अंधाधुंध हो रहा
इससे कारण कैंसर का प्रहार बढ़ा दिया हरियाणा में
बेतरतीब शहरी कालोनियों में रहना आसान नहीं है
मध्यम वर्ग को भी बेहिसाब सांस चढ़ा दिया हरियाणा में
लागत खेती की आसमान चढ़ी आवत के दाम बढ़े नहीं
किसान जिंदाबाद कहके और गरीब बणा दिया हरियाणा में
महिला पहलवानों का यौन शोषण करके खुले घूम रहे
बृज भूषण कुकरमी ने फतूर मचा दिया हरियाणा में
पहलवानों ने भी हौंसले खूब दिखाए एफआईआर दर्ज कराई
जंतर मंतर पर धरणा लगा रोष जता दिया हरियाणा में
शिक्षा बेची स्वास्थ्य सेवा बेची और सब बेचने की तैयारी है
हर विभाग सरकारी को टाटा करा दिया हरियाणा में
********2
कितना ए दमन करल्यो ईब ये ख़िलारी ना डरने के।।
कितने सब्ज बाग दिखाल्यो थारी चाटुकारी ना करने के।।
1
शोषण के खिलाफ देखल्यो उड़ै जंतर मंतर पै जंग होग्या
एक तरफ पिल्ला थारा दूजे कान्हीं विनेश साक्षी बजरंग होग्या
संघर्ष का पूरा ढंग होग्या थारी ताबेदारी ना करने के।।
2
सस्पेंड करकै लालच देकै पार थारी नहीं जाणे की
बख्त सै बृज नै जेल भेजो समों नहीं फेर आणे की
सोचो यौन शोषण दबाणे की ये अत्याचारी ना तिरने के।।
3
क्यों थाम बात ना सुनते उनकि कर टाल मटौल रहे सो
टिकरी बार्डर का किसान याद सै अपनी कड़ नै रोल रहे सो
क्यो हटकै ताकत तोल रहे सो थारी पहरेदारी ना करने के।।
4
पन्दरा तैं फालतू दिन होगे जंतर मंतर तैं ना हटरे देखो
महिला किसान नौजवान इनकी साथ मैं ये डटरे देखो
आज थारे पासने पटरे देखो रणबीर इंतजारी ना करने के।।
*********3
खिलाड़ियों के सम्मान में संयुक्त किसान मोर्चा आया ।।
बहोत महिला आई मैदान मैं एकजुटता का नारा लाया।।
1
राष्ट्रीय नेता किसान मोर्चा के जंतर मंतर पर आये
उग्रहां दर्शनपाल हन्ननमौला उड़ै उनके हौंसले बढ़ाये
युद्धवीर आशीष इंद्रजीत हर नै इंकलाबी नारा  लगाया।।
2
कुश्ती संघ के प्रधान की मांग  गिरफ्तारी की उठाई सै
गिरफ्तार कर जेल भेजो एक सुर मैं आवाज लगाई सै
कुश्ती संघ की प्रधानता तैं वो तत्काल जावै हटाया।।
3
सेवानिवृत जज पै इन्क्वारी  जल्द तैं जल्द करानी चाहिए
बृज भूषण के गुंडयां तैं सुरक्षा तुरत दीवानी चाहिए
सरकार के पुतले जलाकै मोर्चा विरोध करैगा फरमाया।।
4
जब ताहिं सारे अपराधी दण्डित नहीं हो जावैंगे रै
युवा महिला और किसान तब ताहिं साथ निभावैंगे रै
रणबीर खिलाड़ियों के हक मैं यो अपना कलम चलाया।।
***********4
महिला कुश्ती पहलवान मामला घणा उफनता जावै सै।।
प्रधानमंत्री चुप क्यों इसपै जनता बूझना चाहवै सै।।
1
जो सवाल किसानां नै बूझे वोहे पहलवान बूझ रहे
कई यौन शोषण मामल्यां बारे जंतर मंतर पै जूझ रहे
क्यों ना एक्शन सूझ रहे सोशल मीडिया चिलावै सै।।
2
महिला यौन शोषण मामले आम आरोप ना बताए
संवेदनशील घणे सैं दासियों बरसां के वाके स्याहमी आए
नाबालिग बच्चियां नै दोष लाये पर पुलिस खड़ी लखावै सै।।
3
आरोपों को सप्रीम कोर्ट भी गम्भीर घणे मान रहया
एफ़आईआर तो दर्ज होगी आगे नै ना चाल रहया
ऊपरला अड़चन घाल रहया सारे कै या चर्चा पावै सै।।
4
बृज भूषण घणा जुल्मी सारी जनता नै कबूल करया
तीन सौ सात सहित चार मामले यो हलफनामा उसनै भरया
रणबीर एक मणास मार गिरया लल्लनटॉप नै बतावै सै।।
**********5
तर्ज//वो दिल कहां से लाऊं तेरी याद जो भुला दे

कितणी ऐ दे ल्यो धमकी ना इब चाल काम कोए आवै ।।
म्हारी एकता आगै थारी इब कुछ ना पार बसावै।।

सभी खिलाड़ी सैं ये म्हारे इस भारत की शान रै
उत्पीड़न के कारण होए बहोत घणे परेशान रै
जग म्हं बढावैं म्हारा मान रै क्यूं सांसद जोर जमावै।।

ल्या ल्या मैडल जग म्हं करते ऊंचा देश का नाम
मेहनत करते जान लगा कै खूब सुबह और शाम
मुश्किल झेलणी पड़ै तमाम फेर भी कदम बढावै।।

महिला खिलाड़ीयो की राही और मुश्किल बताई रै
तलवार लटकती रहै शोषण की करती गात समाई रै
होती नहीं सुणाई रै बता दुखड़ा किसे बतावै।।

कितै संदीप कितै बृज भूषण से घेर घेर कै होए खड़े
कितै सुणाई कोन्या होरयी इब दिल्ली म्हं हो कठ्ठे अड़े
फुटपाथ पै रातों पड़े रणबीर सिंह साथ निभावै।।


************6
तर्ज//घुंघरू की तरह बजता रहा हूं मैं

जंतर मंतर पै धरणा दिए बैठे घणे खिलाड़ी
हिम्मत कर कै सांसद की बुरी करतूत उघाड़ी

बृज भूषण सांसद की काली करतूत बताई रै
एफ आई आर दर्ज कराणे की आवाज उठाई रै
ना सरकार नै करी सुणाई रै कर ली बंद किवाड़ी

सहज सहज यो कुश्ती खाड़ा ठाडा होता आवै
खिलाड़ियों को जनता का समर्थन इन कै सांस चढ़ावै
विनेश बेटी या रो रो बतावै यो सांसद घणा कबाड़ी

कई ढाल तैं करे शोषण इस सांसद अत्याचारी नै
दुखी करी सैं घणी खिलाड़ी इस राज के दरबारी नै
इस ढांचे सरकारी नै हालत घणी बिगाड़ी

कई नेता और संगठन करण समर्थन आये
साथ खड़े हुए पहलवानों के हौंसले खूब बढ़ाये
बणा गीत रणबीर नै गाए जनता गैल चिंघाड़ी
**********7
*संदीप सिंह मंत्री नै अपमानित करी महिला खिलाड़ी।।*
*महिला नै दुखी होकै थारी सारी काली करतूत उघाड़ी।।*
1
चंडीगढ़ पुलिस नै मुश्किल तैं एफआईआर दर्ज करया
छेड़छाड़ के आरोपों बीच मंत्री साहब तू पाया घिरया
*पूरे हरियाणा के म्हं महिला संगठनों नै रोष मार्च लिकाड़ी।।*
2
कहती महिला खिलाड़ी मेरे को मंत्री नै अपने घर बुलाया
आफिस की बजाय उसनै न्यारे कमरे मैं लेजा कै बिठाया
*कैह खुश रैह खुश राख़ चाही करी यौन शोषण की जुगाड़ी।।*
3
महिला नै पुरजोर विरोध करया तो जबरदस्ती करनी चाही
धक्का मार कै मंत्री के वा अपना पिंड छुटा कै घर नै आयी
*इसे करकै मंत्री नै कई तरियां चाही उंकि हालत बिगाड़ी।।*
4
नौकरी मिली फेर बी दुखी राखी तो प्रशासन को बताया
फेर प्रशासन भी नहीं उसकी मदद करण खातर आया
*पुलिस मैं दरखास्त दी रणबीर करी जनता नै करड़ी जाड़ी।।*
5
न्याय मिलना चाहिए खिलाड़ी नै जन संगठन आगै आये
सरकार पै दबाव नै मंत्री के पुतले दहन करकै विरोध जताये
*रणबीर भी मदद मैं कलम ठाई मंत्री की सरकार भी लताड़ी।।*
************8
महिलावां गेल्याँ किसे ढाल की बदफेली जमा स्वीकार नहीं।।
बदकारां साथ खड़ी होवे वा किसे दीन की भी सरकार नहीं ।।
संदीप सिंह बरगे मंत्री शामिल पावैं देश का औड़ आग्या देखो
महिला ताहिं सुरक्षित आज रहया राज दरबार नहीं ।।
दो तीन केश बदफेली के पाछै सी सबकै साहमी आये
बलात्कारियों संग जलूस काढ़ें बर्दास्त यो व्यवहार नहीं ।।
बलात्कारी जमानत ले ज्यावै यो किसा फैंसला जज का
पीड़िता पै केस दर्ज होवै इसतैं बड्डा तो अत्याचार नहीं ।।
रेपकांडां की बाढ़ देश मैं यो राज क्यों जालिम होग्या रै
एम पी उल्टे सीधे ब्यान दे दें के उनकै घर परिवार नहीं।।
महिला सम्मान खतरे मैं यो पूरे देश मैं आग्या देखो रै
रणबीर जन एकता तैं बढ़िया और कोये हथियार नहीं ।।
***********9
संगठन कैंडल मार्च काढ़ण नै  मानसरोवर पार्क आये।।
महिला पहलवानों डटी रहियो थांमनै मामले सही ठाये।।
1
आज भी खुला घूम रहे यौन शोषण के अत्याचारी
बृज भूषण संदीप सिंह की आज मांग रहे गिरफ्तारी
चुप्पी कसूती या सरकारी घणे नीच चलित्र दिखाये।।
2
जात पात का रंग देना यो सरकार नै चाहया देखो
लोग बांटने चाहे इसनै इसा खेल यो रचाया देखो
हुड़दंग कई बै मचवाया देखो पहलवान भी धमकाये।।
3
सहज सहज घणे संगठन पहलवानों कान्ही आगे
थाम डटी रहियो बेटियों इनका होंसला वे खूब बढ़ागे
ये पहलवान भी होंसला पागे नहीं पाछै कदम हटाये।।
4
मानसरोवर पार्क तैं चाल कै डी पार्क ताहिं मार्च किया
गिरफ्तार करो दोनूंआ नै मिलकै उड़ै नारा लगा दिया
साथ देवण का प्रण लिया रणबीर नै कलम घिसाये।।
*********

देवर -- भाभी

 देवर -- भाभी

भाभी

थारा लीडर देख लिया ना पाया एक आन्ने का।।

देवर

खोल बतादे मनै सारी के मतलब तेरे तान्ने का।।

1

भाभी

एक हाथ मुनाफा खोर दूजे हाथ किसान का नाम लिया

दुविधा मैं दोनों ए जावैं क्यों इसा कसाई काम किया

नाक तले का दीखै कोण्या घूम क्यों चारों धाम लिया

म्हारा नेता सुध लेवण आवै या बाट देखता गाम जिया

गोली चलवाई मसूमां पै ठयोडै़ जी गया भान्ने का।।

2

देवर

कड़ाही मैं तेल चढाकै क्यों जींवते नै तलै भाभी

मारै बोल घणे कटीले या मेरी काया जलै भाभी

बैरी की बोली बोलै तेरी शात नहीं टलै भाभी

मनै कोण्या बेरा लाग्या तों नागण काली पलै भाभी

माखी भिनकैं दुनिया थूकै मिटै नाम तेरे पान्ने का।।

3

भाभी

चोरी जारी ठगी करकै कोण्या जिंदगी पार तिरै

ताश खेल कै दारू पीकै शाम सबेरी तकरार करै

बालक रूलगे किल्ले बिकगे बण्या तों ठेकेदार फिरै

गोली खां कई फांसी खां न्यों सारा म्हारा संसार मरै

लूट लिया धन म्हारा यो हिम्माती धनी घरान्ने का।।

4

देवर

नेता नै कहया म्हारे तैं कर तों उसपै ध्यान लिए

सुण भोले से किसान दो बात मेरी मान लिए

बोलना ले सीख और दुश्मन को पहचान लिए

न्यों बोल्या किसानां नै सुख घणा भगवान दिए

गामोली माणस नेता म्हारा यो इंसान सही रकान्ने का।।

5

भाभी

गलत चढ़ा चश्मा उसनै सच्चाई तैं मुंह मोड़ लिया

गलत सही नहीं पिछाणै छोटूराम का संग तोड़ दिया

हमनै गाजर मूली समझै बुराई तैं संग जोड़ लिया

म्हारी इज्जत महफूज नहीं स्याही नै रंग छोड़ दिया

हाल सुनाऊं देवर तनै मैं रणबीर असल जमान्ने का।।

Wednesday, 24 May 2023

साथ देउन्गी बालक का अपनी जान  की बाजी लाकै

 

साथ देउन्गी बालक का अपनी जान  की बाजी लाकै

यो कुनबा पाछे लागरया कहवै  जाँच करवाले जाकै  

पहले गर्भ ऊपर या घनी कसूती नजर जमाई

कहते छोरा चाहिए चाहे करवानी पडे सफाई

घरक्याँ नै घनी धमकई लगा पाता जाँच कराकै

देवर  जेठ मेरे नयों कहते हमनै बेटा चाहिए 

जाँच कराले छोरी हो तै तुरत सफाई कराईये 

सीधी तरा  मान जाईये  के काढेगी सर फुडवाकै

एक तरफ तो गर्भ पी यो परिवार प्यार दिखावै

दूजी तरफ जाँच कराके   बस छोरा पाया चाहवै

हरेक मने समझावै बात मान ले सर झुकाकै

दोगले समाज का चेहरा आछी ढाला साहमी आया  

जमा नहीं जाँच करवाऊं मने बी मन समझाया

रणबीर साथ मैं पाया जब देख्या नजर उठाकै

महिला गेल्यां छेड़छाड़ की घटना बढ़ती जावैं देखो


छेड़छाड़ 

महिला गेल्यां छेड़छाड़ की घटना बढ़ती जावैं देखो

कई घटना इसी घटज्यां बट्टा प्रदेश कै लावैं देखो।

        1

सूमो कतोपुरी रेवाड़ी मैं छात्रावां नै नाम कटाये 

दुखी स्कूल की छेड़छाड़ तै पचास नै ये कदम ठाये

रेवाड़ी जिला तो फौजियां का उड़ै छोरी दुःख ठावैं दखे।

         2

जींद जिले का गाम धरौंदी एक छोरी थी घणी सताई 

उसके बाबू नै दुखी होकै नै एक दिन थी फांसी खाई

छेड़छाड़ तै परेशान छोरी जहर आज खावैं दखे।

            3

रोहतक मैं दस साल की पहलवान गेल्याँ बुरी करी

वीडियो बनाकै नै उसकी उसकै सहमी लयान धरी

दस सालां मैं ये घटना पांच गुणा बढ़ी बतावैं दखे।

             4

यो मामला गम्भीर घणा इसपै सोचां बैठकै सारे रै

सारे समाज की चिंता सै समाधान खोजां बैठकै सारे रै

कहै रणबीर मिलकै नै कोय राह घाट पावैं दखे ।

जिला रोहतक गाम हसनगढ़ घणी


जिला रोहतक गाम हसनगढ़ घणी

तबाही होगी रै।।

पुलिस बदमाशां की यारी बीज बिघण के बोगी रै।।

1

बचावण लागरया जुल्मी नै राजतंत्र  जमा उघाड़ा होग्या

मज़दूरां की बेटियां गेल्यां भाइयो कसूत पवाडा होग्या

चौड़े के म्हं लाठातंत्र का देखो हिम्माती  राज लुंगाड़ा होग्या

मानवता खड़ी पुकारै हमनै कहै किसा यो कबाड़ा होग्या

ठाडा मारै रोवण दे नहीं क्यों पड़कै नै जनता सोगी रै।।

2

बीरां गेल्याँ हसनगढ़ मैं हुया दिन धौली बलात्कार सै

मंत्री उनका हिम्माती होग्या आंधा यो राज दरबार सै

लोगां नै बी आंख मीच ली ना सुणती उनकी हाहाकार सै

म्हारी माँ बेटी नहीं बचै आड़ै पहोंचग्या अत्याचार सै

दड़ मारें पड़े भाई क्यों गलत सही की ताकत खोगी रै।।

3

एक द्रोपदी चीर हरण पै महाभारत की जंग हुई आड़ै

हजारां द्रोपदी लूटी जावैं या पुलिस भी बेरंग हुई आड़ै

हसनगढ़ गाम की आज महिला जमाने मैं तंग हुई आड़ै

अमीराँ की करतूत देखकै या जनता हुई ढंग आड़ै

गलत सही की लड़ाई नै या जात पात जमा ल्हकोगी रै।।

4

म्हारे घर भी उजडै़ंगे हम देखैं फेर लाचार खड़े रै

कोये ना छुडावण आवै जै लूँगाड़े घरां आण बड़े रै

ना हसनगढ़ माफ करैगा हम नहीं जै आज लड़े रै

क्यों आत्मा म्हारी मरली हम घर मैं दुबके पड़े रै

पढ़ पढ़ अखबारां मैं आत्मा रणबीर की भी रोगी रै।।

KISSA FAUJI MEHAR SINGH - GAYAK PALE RAM किस्सा कवी फौजी मेहर सिंह : गाय...

नर्सिज पर एक रागनी

 

पांच छह नर्सें मिलकर एक समूह गान गाती हैं।


तर्ज– झूठी शरम की चादर फैंको


टेक– बिना संगठन इब नहीं गुजारा हो जाओं तैयार सखी।।


शोषण क्यों होता है म्हारा करना सही विचार सखी।।


मरीजों का आज नहीं होता सही सही इलाज यहाँ


मरीज चिल्लाते रहते हैं ना सुणता कोए आवाज यहाँ


उदारीकरण के  मन्दिर में इब बलि चढ़ा परिवार सखी।।


स्वास्थय की गलत नीति सैं समझणा बहुत जरूरी हे


बजट घट्या क्यूं आज हमारा के  उनकी मजबूरी हे


बिकती सेहत दिखावैं सबको आज बीच बाजार सखी।।


महिलाओं का हरियाणे में क्यूं होता सही सम्मान नहीं


नर्सों की गिरती हालत पै किसे का भी ध्यान नहीं


सुन्दर समाज का लेवैफ सपना सम्भालों पतवार सखी।।


तेहरा शोषण खतम करै जो इसा समाज बणाणा हे


सही जगां मिलै मानवता को इसा संघर्ष चलाणा हे


हो सै शोषण खतम करण का संगठन ही हथियार सखी।।

आज हम देखें औरत की सही तस्वीर सखी


आज हम देखें औरत की जो सही तस्वीर सखी।। 

दिया समाज ने जो हमें उसको कहती तकदीर सखी।। 

घर में खटना पड़ता मर्दों की नजर में मोल नहीं औरत भी समझे इसे किस्मत लगा सकी तोल नहीं 

करती हम मखौल नहीं हमारी हालत है गंभीर सखी।।

घर खेत में काम करें जुताई और बुवाई करती बहना 

चारा पानी झोटा बुग्गी दिन और रात मरती बहना 

बैठी आहें भरती बहना समझें किस्मत की लकीर सखी।।

कैसा सलूक करते हमसे मालिक बंधवा का व्यवहार यहां 

खाना दोयम कपड़ा दोयम मिले सारा दोयम संसार यहां 

करोड़ों महिला बीमार यहां इलाज की नहीं तदबीर सखी।।

अहम फैंसले बिना हमारे मरद बैठ कर क्यों करते देखो 

जुल्म ढाते भारी हम पर नहीं किसी से डरते देखो 

हम नहीं विचार करते देखो तोडे़ं कैसे यह जंजीर सखी ।।

खुद चुपचाप सहती जाती मानें कुदरत का खेल इसको 

सदियों से सहती आई समझें राम का मेल इसको 

क्यों रही हो झेल ईसको मसला बहोत गम्भीर सखी।।

सदियों से होता ही आया पर किया मुकाबला है हमने 

सिर धड़की बाजी लगा नया रास्ता अब चुना है हमने 

जो सपना बुना है हमने होगा पूरा लिखे रणबीर सखी।।

Wednesday, 26 April 2023

जंतर मंतर के ऊपर धरणे 

 

जंतर मंतर के ऊपर धरणे पर बैठे देखो खिलाड़ी

प्रैस के स्याहमी उणनै सांसद की करतूत उघाड़ी

1

सांसद बृज भूषण नै करी काली करतूत बताई 

एफ आई आर दर्ज हो मिलकै नै आवाज उठाई

सरकार नहीं करी सुनाई इनै बंद करली किवाड़ी

2

सहज सहज कुश्ती अखाड़ा मजबूत होता आवै 

जनता का साथ उनका सरकार कै सांस चढ़ावै

विनेश रो रो कै बतावै यो सांसद पाया सै कबाड़ी

3

ढाल ढाल तैं शोषण करया सांसद अत्याचारी नै

बहोत घणी दुखी करी ये इस माणस बदकारी नै

इसके ढांचे सरकारी नै हालात और घणी बिगाड़ी

4

बहोत नेता और संगठन हिम्मात मैं इनकी आये 

हम पहलवानों की साथ कैहकै नै हौंसले बढ़ाये

रणबीर भी कलम घिसाये सुनकै इनकी चिंघाड़ी

धमकी कितनी ए देल्यो

 

धमकी कितनी ए देल्यो थारी कोण्या पार बसावै

म्हारी एकता तोड़ण की चाल सफल ना हो पावै

1

महिला पुरुष खिलाड़ी ये म्हारे देश की शान देखो

अपने उत्पीड़न करकै हुए बहोत ये परेशान देखो

ओलंपिक विजेता म्हारा मान सांसद क्यों सतावै

2

इणनै झेलनी पड़ती देखो मुश्किल बहोत तमाम 

दुनिया मैं जीत मैडल किया ऊंचा देश का नाम

चैन नहीं कभी सुबोशाम तंगी में भी कदम बढ़ावै

3

महिला खिलाड़ी की राही और मुश्किल बताई है

यौन शोषण की तलवार मचाती बहुत तबाही है

नहीं होती फेर सुनाई है किसको दुखड़ा ये बतावै

4

कितै संदीप सिंह मंत्री कितै बृज भूषण हर सतारे

कितै सुनाई कोण्या होरी जंतर मंतर पै धरना लारे

फुटपाथ पै रात बितारे रणबीर सिंह साथ निभावै

Saturday, 15 April 2023

दास्ताँ मजदूर की 


दास्ताँ मजदूर की 

राजी खुसी की मत बूझै ,बंद कर दे जिक्र चलाना हे |

दिन तै पहल्यां रोट बांध कै ,पडै चौंक मैं जाणा  हे |

देखूं बाट बटेऊ ज्यूं , कोए इसा आदमी आज्या 

मनै काम पै ले चालै , ज्या बाज चून का बाजा 

नस नस म्हं खुशी  होवै , जे काम रोज का ठ्याज्या

इसे हाल म्हं मनै बता दे , कौनसा राजी पाज्या  

नहीं दवाई नहीं पढ़ाई , नहीं मिलै टेम पै खाना हे |

देखे ज्याँ सूँ मैं बाट काम की , सदा नहीं मिलता  हे 

एक महीने म्हं कई बार तो ,ना मेरा चूल्हा जलता हे  

बच्चयाँ कानी देख देख कै , मेरा कालजा हिलता हे 

रहै आधा भूखा पेट सदा , न्यूं ना चेहरा खिलता हे 

तीस बरस की बूढ़ी दिखूँ मैं , पड़ग्या फीका बाना हे |

कदे कदे तो हालत बेबे , इस तै भी बदतर होज्या 

दूध बिना मेरे बालक , काली चा पी कै सोज्याँ  

नहीं आवती नींद रात भर , चैन मेरा कति खोज्या

यो सिस्टम का जुल्म मेरी , ज्याँ के झगडे झौज्या

रिश्तेदार घरां आज्यं तो,पद्ज्य सै शरमाना हे |

खाली डिब्बे पड़े घरां , ना एक जून का सामाँ  हे 

निठल्ले लोग लूट लूट कै , कठ्ठा कर रे नामां हे 

वाहे रोज पहर कै जावै , पाट्या पूत  पजामां हे 

"रामफल सिंह" चक्कर खावै, मुश्किल गात थामाँ  हे 

म नै हकीकत पेश करी यो , मत ना समझो गाना हे |

ना टोहया पावै भ्रष्टाचारी

 

पहले कोई चीज  विचार के स्तर पर सामने आती है फिर मूर्त रूप लेती है |

सारा   पुराना   भी  सही  नही  होता  और  सारा  नया  भी  गलत   नहीं  होता  .

 मग़र  दिशा  क्या  है  विकास  की -- जन   विरोधी  या  जनोनमुखी   यह  

जानना  बहुत  जरूरी  है  आज  के   विकास  के  बारे  में | 

टेक.......ये मर्द बड़े बेदर्द बड़े

ना टोह्या पा वै भ्रष्टाचारी औ दिन कद आवैगा 

ना दुखी करै बेरोजगारी औ दिन कद आवैगा 

रोटी कपडा किताब कापी नहीं घाट दिखाई देंगे 

चेहरे की त्योरी मिटज्याँ सब ठाठ दिखाई देंगे 

काम करने के घंटे पूरे फेर ये आठ दिखाई देंगे  

म्हारे बालक बी बणे हुए मुल्की लाट दिखाई देंगे 

कूकै कोयल बागों मैं प्यारी औ दिन कद आवैगा ||

दूध दही का खाना हो बालकां नै मौज रहैगी 

छोरी माँ बापां नै फेर कति नहीं बोझ रहैगी 

तांगा तुलसी नहीं रहै दिवाली सी रोज रहैगी 

बढ़िया ब्योहर हो ज्यागा ना सिर पै फ़ौज रहैगी 

ना होवै औरत नै लाचारी औ दिन कद आवैगा|| 

सुल्फा चरस फ़ीम का ना कोए अमली पावै 

माणस डांगर नहीं रहै नहीं कोए जंगली पावै 

पीस्सा ईमान नहीं रहै ना कोए नकली पावै 

दान दहेज़ करकै नै दुःख ना कोए बबली पावै 

होवैं बराबर नर और नारी औ दिन कद आवैगा ||

माणस के गल नै माणस नहीं कदे बी काटैगा 

गाम बरोना रणबीर का असली सुर नै छाँटैगा 

लिख कै बात सबकी सबके दुःख नै बांटैगा 

वोह पापी होगा जो आज इसा बनने तैं नाटैगा 

राड़  खत्म हो म्हारी थारी औ दिन कद आवैगा ||

एक फौजी की फौजण 

 

एक फौजी की फौजण 

महिलाओं की व्यथा किस तरह से बयां करती है भला:

दिन काटे चाहूं सूं मैं सुख तैं कोन्या कटण देवैं।।

कुछ भी ना कहती मैं फेर भी कोन्या टिकण देवैं।।

1

झाड़ झाड़ बैरी होगे आज हम बरगी बीरां के

मोह माया तैं दूर पड़ी फेर दिल डिगे फकीरां के

बदमाश इनकी लकीरां के शासक ना पिटण देवैं।।

अच्छाई के बोए बीज ये कति कोन्या पकण देवैं ।।

कइ बै जी करै फांसी खाल्यूं इनकै अकल लागै

सहेली बोली बात मान मेरी मतना प्राण त्यागै 

कसक कति ना जागै ये पोल कोन्या पटण देवैं।।

हम कितनी ए रोलयां ये दुख कोण्या हटण देवैं।।

3

बताओ पिया के करूं मैं इनपै गीत बनादे नै

द्रोपदी चीर हरण गाओ म्हारे हरण पै गादे नै

बना रागनी सुणा दे नै हम तेज कोन्या घटण देवैं।।

म्हारी जिंदगी के इनको दबान कोन्या बटण देवैं।।

गाम कै गोरे खड़े पावैं भैंस के म्हा कै तान्ने मारैं

इंसानियत जमा भूलगे भोंं किसे की इज्जत तारैं

बिना बात के ये खंगारैं सांस कोन्या लेवण देवैं।।

रणबीर बरगे म्हारी ये इज्जत कोन्या लुटण देवैं।।

बेरोजगार पना 

 

आज के दौर को कम्पीटीसन का दौर बताया जा रहा है और इसके लिए कोई भी कीमत जायज है। हम दौड़ रहे हैं और दौड़े जा रहे हैं पैसे के पीछे और पैसा हमें एक अंधी गली में धकेल रहा है जिसका बाहर निकलने का रास्ता बन्द है। क्या बताया भला-


बेरोजगार पना सारै छाग्या रै,दुनिया मैं पीस्सा कहर ढाग्या रै

युवा इसकी बहका मैं आग्या रै, झूठ होतै लिखकै लगाम दियो।।

इस पीस्से की ताकत नै कई सरकार पढ़ण बिठाई

देषां के कानून रोंद कै नै अपनी मन ानी चलवाई

पीस्सा अपना रुतबा बणाग्या रै,यो दिन धौली मैं लूट मचाग्या रै

इनसानियत जमा ए भुलाग्या रै, झूठ होतै लिखकै लगाम दियो।।

हर चीज की बोली लादी नहीं छोडया कितै ईमान देखो

औरत एक चीज बणाई करया चौड़े मैं अपमान देखो

काले धन नै काला रास्ता भाग्या रै,पीस्सा बड़े बड़यां नै घुमाग्या रै

अमीर और अमीर बणाग्या रै, झूठ होतै लिखकै लगाम दियो।।

घोटाले पै घोटाले होण लगे कारपोरेट की लूट मची

दोनूं हाथां लूटो कमेरे नै नीतियों की इसी छूट रची

तकनीक मैं उधम मचाग्या रै,दुनिया नै आज खिंडाग्या रै

मानवता नै भाईयो बिठाग्या रै, झूठ होतै लिखकै लगाम दियो।।

थेगली लायें बात बणै ना पीस्से कै लगाम लगानी होगी

मनवता के कब्जे मैं देखो तकनीक हटकै ल्याणी होगी

रणबीर बी कलम घिसाग्या रै, आज सारी खोलकै नै बताग्या रै

पीस्से की लूटके भेद गिणाग्या रे, झूठ होतै लिखकै लगाम दियो।।