Saturday, 12 May 2018

सलाम सफ़दर को

सलाम सफ़दर को 
समाज की खातर मरने आले आज तलक तो मरे नहीं ||
कुर्बान देश पर होने वाले कदे कभी किसी से डरे नहीं ||
सफ़दर की हांसी हवा मैं आज भी न्योंये गूँज रही
चारों धाम था मच्या तहलका हो दुनिया मैं बूझ रही 
बैरी को नहीं सूझ रही पिछले गढ़े इब्बऐ भरे नहीं ||
मीडिया मैं जगहां बनाई विडीयो बढ़िया त्यार करी थी
खिलती कलियाँ के महां बात सही हर बार करी थी 
जवानी उसकी हुंकार  भरी थी गलत काम कदे करे नहीं ||
जितनै जीया सफ़दर साथी जीया जमा जी भर कै नै 
था लेखक बढ़िया अदाकार नुकड़ रच्या कोशिश कर कै नै 
निभाया वायदा मर कै नै जुल्मों से सफ़दर डरे नहीं ||
एक सफ़दर नै राह दिखाई हजारों सफ़दर आगे आवैंगे 
माला हाश्मी बनी सै चिंगारी घर घर मैं अलख जगावैंगे 
फिरकापरस्ती तैं टकरावैंगे रणबीर म्हारे कलम जरे नहीं ||

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