Sunday, 10 May 2026

भावी हरियाणा

*मिलजुल कै भावी हरियाणा हम घणा आलीशान बनावांगे।।*
*नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।*
1
बासमती चावल हरियाणे का दुनिया के देशों मैं जावै आज
चार पहिये की मोटर गाड़ी यो सबतैं फालतू बणावै आज
*खेल कूद मैं आगै बढ़गे हम एशिया मैं सम्मान बढावांगे।।*
नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।*
2
चोरी जारी ठगी नहीं रहवेंगी भ्रष्टाचार नहीं टोहया  पावै
हिसाब सर मिलैं दाखिले सबनै शिक्षा माफिया खड़या लखावै
*मिलकै सारे हरियाणा वासी इन बातों नै परवान चढावांगे।।*
नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।
3
ठेकेदारों की ठेकेदारी खत्म होज्या या खत्म थानेदारी होवै
बदमाशों की बदमाशी खत्म हो फिर खत्म ताबेदारी होवै
*निर्माण और संघर्ष का नारा यो पूरे हरियाणा मैं गुंजावांगे।।*
नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।
4
दहेज़ कारण दुखी होकै औरत ना फांसी खा हरियाणा मैं
कदम बढ़ाये एक बै जो आगै ना पाछै जाँ हरियाणा मैं 
*कांधे तैं कांधे कै मिला चलैं महिलाओं के अरमान खिलावांगे।।*
नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।
5
छूआ छूत का नही नाम रहै रल मिल रहैं शहर और गामां मैं
त्याग तपस्या और भाईचारे की ये फुहार बहैं शहर गामां मैं
*दिखा मानवता का रास्ता जात धर्म का घमासान मिटावांगे।।*
नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।
6
हरियाणे के लड़के और लड़की ये घाल कब्बड्डी की घालैंगे
देकै क़ुरबानी ये छोरी छोरे नए हरियाणा की नींव डालैंगे
*यो गीत रणबीर सिंह नै बणाया मिलकै हम सारे ही गावांगे।।*
नाबराबरी खत्म करकै हम हरियाणा आसमान पहोंचावांगे।।

Thursday, 7 May 2026

आठ मई

*आठ मई उन्नीस सौ पैंतालीस फासीवादी ताकत हारी बताई।।*
*इसके साथ दूजे विश्व युद्ध के अंत की गूंज दुनिया मैं छाई।।*
1
दूजे विश्व युद्ध नै छह साल दुनिया मैं घणा उधम मचाया
जर्मनी नै पोलैंड के ऊपर यो हमला जोर का किया बताया
*जर्मनी, इटली, जापान धुरी राष्ट्र नै मिल कै लड़ी या लड़ाई।।*
2
ब्रिटेन अमरीका, रूस फ्रांस मित्र राष्ट्र दूजे कहीं खड़े बताए रै
दो करोड़ सत्तर लाख रूसियों नै बलिदान दे कई मुल्क बचाए रै
*दुनिया मैं दूजे विश्व युद्ध मैं हिटलर नै घणी उधम मचाई ।।*
3
क्यासी साल पहले नाजी जर्मनी आत्म समर्पण पै आई कहते
इब हट कै फासीवादी ताकत पूरी दुनिया के मैं  छाई कहते
*आठ मई नै पूरे देश मैं जावैगी जोरदार आवाज या ठाई।।*
4
ईरान युद्ध भी हट कै तीजे विश्व युद्ध कान्हीं इशारे करता दीखै
नव उदारी करण और फासीवाद एक दूजे की कोली भरता दीख़ै
*इसके विरोध मैं दुनिया मैं बड़ा मंच हो या रणबीर की राही।।*