Tuesday, 19 November 2019

जागी महिला हरियाणे की

जागी महिला हरियाणे की
करकै कमाल दिखाया सै, यो घूंघट तार बगाया सै,
खेतां मैं खूब कमाया सै, जागी महिला हरियाणे की।।
1. देश की आजादी खातर अपणी ज्यान खपाई बेबे
  गामड़ी सांघी खिडवाली मैं न्यारी रीत चलाई बेबे
  लिबासपुर रोहणात मैं बहादरी थी दिखलाई बेबे
  अंग्रेजां तै जीन्द की रानी गजब करी लड़ाई बेबे
  अंग्रेजां का भूत बनाया, यो सब कुछ दापै लाया,
  देश आजाद कराणा चाहया जागी महिला हरियाणे की।।
2. देश आजाद होये पाछै हरित क्रांति ल्याई बेबे
  खेत क्यार कमावण तै कदे नहीं घबराई बेबे
  डांगर ढोर संभाले हमनै दिन रात कमाई बेबे 
  घर परिवार आगै बढ़ाये स्कूलां करी पढ़ाई बेबे
  हरियाणा आगै बढ़ाया सै ,सात आसमान चढ़ाया सै,
  गुण्डयां का जुलूस कढ़ाया सै, जागी महिला हरियाणे की।।
3. हमनै गाम बराहणे मैं दारू बन्दी पै गोली खाई सै
  खेलां के मैदानां मैं जगमति सांगवान खूबै छाई सै
  सुशीला राठी बड्डी डॉक्टर हरियाणे की श्यान बढ़ाई सै
  नकल रोकती बाहण सुशीला जमा नहीं घबराई सै
  चावला नै नाम कमाया सै, महिला का मान बढ़ाया सै
  यो रस्ता सही दिखाया सै, जागी महिला हरियाणे की।।
4. संतोष यादव बाहण म्हारी करकै कमाल दिखाया हे
  सुमन मंजरी डीएसपी पुलिस मैं नाम कमाया हे
  सांगवान मैडम नै बिमल जैन तै सबक सिखाया हे
  नवराज जयवन्ती श्योकन्द जीवन सफल बनाया हे
  ज्योति अरोड़ा सरोज सिवाच प्रशासन खूब चलाया हे
  ये आगै बढ़ती जारी बेबे, करकै कमाल दिखारी बेबे
  रणबीर मान बढ़ारी बेबे, जागी महिला हरियाणे की।।

जाइये मनै बताकै


घसे कसूते दुःखी होरे सां देख मुरारी आकै।
अपणे हाथां क्यूं ना गेरता कुएं के मां ठाकै।।
1. देश दम म्हारे पै फल्या यो
  अमीर घर दीवा बल्या यो
  म्हारा सब किमै छल्या यो घिटी मैं गूंठा लाकै।।
2. तेरा चेला दुखड़ा
  मेहनत कर भूखा सोवै सै
  तनै सारे कै टोहवै सै सोग्या अमीरां कै जाकै।।
3. तनै गरीब क्यों नहीं भाता
  क्यों ना म्हारी तरफ लखाता
  तूं कद खोलै म्हारा खाता जाइये मनै बताकै।।
4. बचया छिदा इन्सान आड़ै
  सब देखै भगवान आडै़
  घर होगे शमशान आड़ै रणबीर कथा सुणाई गाकै।।

चापलूस

चापलूसां का चारों कान्हि घणा जमघट होग्या रै।
घर में प्यार बच्चा कोन्या जमा मर घट होग्या रै।।
1. स्वार्थी कामचोरां की ईब लागी आड़ै लार दखे
  हांडैं नशे के गुलाम हुये ये कई हजार दखे
  टूटैं सैं परिवार दखे सूना पनघट होग्या रै।।
2. अफरा तफरी माची म्हारे मानव समाज मैं
  आज महिला बेहाल हुई इस जंगल राज मैं
  फंसाई पुराने रिवाज मैं जीने का संकट होग्या रै।।
3. माणस माणस नै खावै ऐसा चल्या रिवाज सै
  पांच सितारा मैं जावैं बेची शर्म लिहाज सै
  भूखा मरै समाज सै यो जीणा सिरकट होग्या रै।।
4. उपेक्षा तिरिस्कार का हुया आज ठाड्डा पाला रै
  धोला पिटता हांडै सै राज करै धन काला रै
  रणबीर सिंह नै दोष दें कहैं लम्पट होग्या रै।।

करजा


करजे नै कड़ तोड़ी म्हारी दिया पूरे घर कै घेरा।
एक औड़ गहरा कुआं दीखै यो दूजे औड़ नै झेरा।।
1. ट्रैक्टर की बाही मारै ट्यूबवैल का रेट सतावै
  थ्रेसर की कढ़ाई मारै भा फसल का ना थ्यावै
  फल सब्जी दूध सीत सब
  माट्टी गेल्यां माट्टी होकै बी सुख का सांस ना आवै
  बैंक मैं सारी धरती जाली दीख्या चारों ओर अन्धेरा।।
2. निहाले धोरै रमूल तीन रुपइया सैकड़े पै ल्यावै
  वो सांझ नै रमलू धोरै दारू पीवण तांहि आवै
  निहाला करज की दाब मैं बदफेली करना चाहवै
  विरोध करया तो रोजाना पीस्यां की दाब लगावै
  बैंक आल्यां की जीप का रोजना लागण लाग्या फेरा।।
3. बेटा बिन ब्याहया हांडै सै घर मैं बैठी बेटी कंवारी
  रमली रमलू न्यों बतलाये कट्ठी होगी मुसीबत सारी
  खाद बीज नकली बिकते होगी खत्म सब्सिडी म्हारी
  मां टी बी की बीमार होगी छाग्या हमपै संकट भारी
  रोशनी कितै दीखती कोन्या छाया चारों कूट अन्धेरा।।
4. मां अर बाबू इनके नै जहर धुर की नींद सवाग्या
  इनके घर का जो हाल हुया वो सबकै साहमी आग्या
  जहर क्यूं खाया उननै यो सवाल कचौट कै खाग्या
  आत्म हत्या ना सही रास्ता रणबीर सिंह समझाग्या
  मिलकै सोचां क्यूकर आवै घर मैं सो नया सबेरा।।





त्रिमूर्ति

बैंक फंड व्यापार त्रिमूर्ति मिलकै खाल तारै म्हारी रै।।
इसके काटे घूमण लागरे गरीब नर और नारी रै।।
1. सिरकी घाल कै करैं गुजारा जिननै ताज महल बनाये
  उनके बालक भूखे मरते जिननै जमकै खेत कमाये
  तन पै उनके लत्ता ना जिननै कपड़े के मील चलाये
  वे बिना दूध सीत रहते, जिननै डांगर खूब चराये
  भगवान भी आन्धा कर दिया ना कितै दीखता भ्रष्टाचारी रै।।
2. जितना करड़ा काम म्हारा नहीं सम्मान उतना मिलता
  दस नम्बरी माणस जितने उनका हुकम सारै पिलता
  नकली फूल सजावैं देखो यो क्यों ना असली खिलता
  कहैं उसके बिना आड़ै यो पत्ता तक नहीं हिलता
  सबके उपर ध्यान नहीं उसका फेर किसा न्यायकारी रै।।
3. डांगर की कदर फालतू माणस बेकदरा सै संसार मैं
  छोरे की कदर घणी सै छोरी धन पराया परिवार मैं
  किसे जुल्म होण लागरे ये छपते रोज अखबार मैं
  कति छांट कै इसनै चलाई महिला भ्रूण पै कटारी रै।।
4. इस व्यवस्था मैं मुट्टीभर तो घणे हो मालामाल रहे
  हमपै चलाकै  चाल अपणी ये पूर कसूता  जाल रहे
  सोच कै बढ़ियो आगै नै ये माफिया काले पाल रहे
  पुलिसिया और फौजी कर रणबीर इनकी रूखाल रहे
  सही सोच कै संघर्ष बिना ईब जनता पिटती जारी रै।।

एक बी पीस्सा


फरवरी पाछै दिया कोन्या एक बी पीस्सा म्हारे तैं।
एमडी बोल्या टोटा आग्या बताती साच्ची बात थारे तै।।
1. बड़े जतन करकै हमनै यो खेत बोया बाहया देख
  गंडेरी बोई खेत म्हारे मैं कई बै कुण्बे नै नुलाया देख
  छोल कै जाड्डे मैं ल्याया देख बुग्गी मांगी मुखत्यारे तैं।।
2. ये मिल के चक्कर काटे कई दिन मैं नम्बर थ्यावै था
  कदे कम तोलैं कदे नुक्स किमै दम नाक मैं आवै था
  रोटी टूक कड़ै भावै था जिब काम चालता उधारे तैं।।
3. पन्दरा हजार खड़े मिल मैं कोए अता पता देन्ता ना
  बाली नेता म्हारा इस बात पै किसे नै बी सेहन्ता ना
  सीएम दरखास्त लेन्ता ना बात करै घणे इशारे तैं।।
4. मिलकै सोचां कष्ट निवारण न्यों पार ना पड़ै म्हारी
  मजबूत संगठन बणा अपणा पेमैंट लेवांगे सारी
  किसानां नै दी किलकारी एमडी आज्या तलै चौबारे तैं।।

Surgeon Conf

छाती गुदा पै चर्चा होरी इन्सान चरचा मैं नहीं पाया।
कैंसर इलाज पै जोर था रोक पै बखत नहीं लागया।।
1. खाने की नली में कैंसर पै पहले दिन गैहटा तार दिया
  संजय शर्मा और कोठारी चारों तरफ तै इपैं वार किया
  एकाध फांचर ठोक आन मरया घणा उलटा सवाल ठाया।।
2. जेम्ज रूसनिस्की और कैयाव आये अमरीका जापान तै
  घणे जोर कै लैक्चर दिये कुछ सोन्ते पाये थे ध्यान तै
  नई तकनीक कई बताई कई सवालां पै हाथ हिलाया।।
3. कोए किसे अंग का माहिर करकै मेहनत खासा होग्या रै
  पेनल डिस्टकस्सन कई हुए कई बातां का खुलासा होग्या रै
  किततै चाल कित पहुंचगे डी सूजा नै सवाल घुमाया।।
4. कैंसर लाइलाज बीमारी ना फेर इलाज आसान कड़ै सै
  उस घर की करै तबाही जिसमैं एक बर आन बड़ै सै
  कान्फ्रैंस नै थोड़ा घणा पीजीआईएमएस का मान बढ़ाया।।

स्वास्थ्य दिवस--370---

स्वास्थ्य दिवस
सेहत दिवस सात अप्रैल का दुनिया मैं जावै मनाया रै।।
विकास की गलत राही बीमारियां नै हाहाकार मचाया रै।।
1. तनाव बढ़े तरां-तरां के मानवता थरथर कांप रही
  खतरनाक हथियारां की दौड़ सबका बधा या ताप रही
  उद्योग करैं प्रदूषण पैदा बढ़ दिलां की चाप रही
  विकसित दुनिया उदारीकरण की क्यों माला या जाप रही
  अमरीका नै सब सूधे करण का आज पूरा ठेका ठाया रै।।
2. बीस देश दुनिया के छियासी प्रतिशत साधन लेरे रै
  मौज उड़ावै म्हारे दम पै न्यों भारत मैं गरीबी के डेरे रै
  तरां-तरां की ये बधैं बीमारी हम दुख घणा खेहरे रै
  उनके मुंह पै लाली चमकै म्हारे पीले पड़गे चहेरे रै
  हमनै कहवैं जनसंख्या बधाली ज्यां यो संकट छाया रै।।
3. म्हारे साधनां पै कर कमब्जा भारतवासी बणा दिये बोड़े रै
  उनकी लूट के कारण म्हारे देश के साधन पड़गे थोड़ै रै
  म्हारे देश के अमीर घराने आज बणगे इनके घोड़े रै
  भूख गरीबी जनसंख्या के भारत मैं ज्यां पड़गे भोड़े रै
  म्हारी सेहत अर शिक्षा का इननै भट्ठा कति बिठाया रै।।
4. पचास साल राज करया उननै गलत रास्ते पै डाल दिये
  मेहनत करी हम सबनै बंटवारे मैं घर घाल दिये
  अपणी खातर अपोलो म्हारे तै खैराती अस्पताल दिये
  दे कै लालच म्हारे बेटा बेटी अपणे रूखाले पाल दिये
  रणबीर म्हारी सेहत नहीं बणै यो इसा खेल रचाया रै।।



               

सपना टूट गया


डॉक्टर बनूं पढ़ लिख कै यो मन का सपना मेरा।
मरीजां का इलाज करूंगी हो घर का दूर अन्धेरा।।
1. मां बाबू अनपढ़ म्हारे घणे लाड प्यार तैं पढ़ाई
  खेती मैं नहीं पूरा पाटै उल्टी सीधी ना कोए कमाई
  धरती गहणे धरकै पढ़े दो बाहण एक भाई
  मेहनत कर आगै बढ़िये मेरे तैं सीख सिखाई
  दो भैंस बांध दूध बेचैं करजे का बढ़ता आवै घेरा।।
2. भाई नै एम ए करकै बी नहीं कितै नौकरी थ्याई
  गाम मैं किरयाणे की फेर उसकी दुकान खुलाई
  बड्डी बाहण बीएड कर बैठी घर मैं बिन ब्याही
  मेरा पी एम टी टैस्ट मैं सत्तरहीं पोजीसन आई
  काउंसलिंग खातर गई उड़ै दिया दिखाई झेरा।।
3. ठारा हजार म्हिने की पहले साल की फीस बताई
  पसीना आया गात मैं धरती घूमती नजर आई
  आंख्यां मैं आंसूं आगे फेर मां की तरफ लखाई
  हाल क्यूकर ब्यां करूं मैं ना कलम मैं ताकत पाई
  अपने दलाल बिठारया सै दीख उडै़ वर्ग लुटेरा।।
4. फीस देण की आसंग कोण्या मन मारकै आगी फेर
  गाम मैं यकीन करैं ना बोले माच्या किसा अन्धेर
  इस
  सरकार मैं बैठे जितने ना कटावैं गरीबां की मेर
  रणबीर न्यों बूझै ये बालक क्यूकर पढ़ावै कमेरा।।

Saturday, 13 July 2019

आपस के रगड़े मैं

आपस के रगड़े मैं भाई म्हारी असल लड़ाई लटकती रहज्यागी।।
एका नहीं करया तो औलाद भाई अपना सिर पटकती रहज्यागी।।
1
क्यों अनसमझी मैं लड़कै नै हमसफ़रां तैं बिगाड़ करै
म्हारा वर्ग सहयोग का रास्ता घर अंदर म्हारे उजाड़ करै
न्यों क्योकर काम चलैगा जै नुकसान खेत मैं बाड़ करै
वर्ग संघर्ष का सही रास्ता सै तों ईसपै मतना राड़ करै
दुश्मन के संग तो लाड करै छाती मैं बात खटकती रहज्यागी।।
एका नहीं करया तो औलाद भाई अपना सिर पटकती रहज्यागी।।
2
आपस का हम द्वेष त्याग कै बढ़ा कै अपना काम दिखावाँ
दुनिया की घुड़ दौड़ मैं हम अपना ताम झाम दिखावाँ
आगै आने आले बख्त का हम बना सही प्रोग्राम दिखावाँ
कित कित आगै बढ़ना सै खोल कै सारे मुकाम दिखावाँ
घणा करकै मजबूत काम दिखावाँ ना ज्यान भटकती रहज्यागी।।
एका नहीं करया तो औलाद भाई अपना सिर पटकती रहज्यागी।।
3
इस वर्ग संघर्ष की पढ़ाई नै हम सारे ही परवान चढ़ावां
गैल मैं अपने बालकां ताहिं वर्ग संघर्ष का पाठ पढ़ावां
भगतसिंह जिसे वीरों की हम हांगा लाकै स्यान बढ़ावां
गरीब अमीर लड़ने का सारे मिलकै समान चन्डावां
सोच की सही धार कढ़ावां दुश्मन कै खटकती रहज्यागी।।
एका नहीं करया तो औलाद भाई अपना सिर पटकती रहज्यागी।।
इबी नहीं बखत बिचारया तै जीवन म्हारा निष्फल होवै
दुश्मन म्हारी ताकत पिछाणै ना ओ चैन की नींद सोवै
पिला चेहरा लाल बनाना सै ना कीमती यो पल खोवै
रणबीर सिंह संघर्ष का साथी ना यो सूखा थूक बिलौवै
फेर सुख का ढंग न्यों होवै साहूकारी सिर पटकती रहज्यागी।।
एका नहीं करया तो औलाद भाई अपना सिर पटकती रहज्यागी।।

खाई

खाई
खाई चौड़ी होंती आवै सै इसनै आज कौण पाटैगा।।
गरीब जनता का हाथ सही मैं आज कौण डाटैगा।।
1
बधगी घर घर मैं खाई या बधगी पूरे समाज मैं
देशां के बीच की खाई ना बताते पूरे अंदाज मैं
अमरीका टोप पै रहवण नै आतंकवाद तैं काटैगा।।
गरीब जनता का हाथ सही मैं आज कौण डाटैगा।।
2
एक देश के भित्तर भी कई ढाल की खाई दीखैं
एक अरबपति बनरया दूजे ये भूखे पेट नै भींचें
शांति कड़े तैं आवैगी जब कारपोरेट इसतै नाटैगा।।
गरीब जनता का हाथ सही मैं आज कौण डाटैगा।।
3
लड़ाई बढ़ेगी इस तरियां विनास की राही करकै
पिचानवै ये कठे होंवैंगे चौड़ी होंती खाई करकै
नहीं तो पर्यावरण प्रदूषण सबका कालजा चाटैगा।।
गरीब जनता का हाथ सही मैं आज कौण डाटैगा।।
4
लोभ लालच और मुनाफ़ा और बधारे इस खाई नै
समाज गया रसातल मैं चौड़ै भाई  मारै सै भाई नै
रणबीर सिंह समझावै देखो छंद यो न्यारा छांटैगा।

Friday, 12 July 2019

गुंडा गर्दी

गुंडा गर्दी करकै मेरा जीना होग्या भारी हे।।
मेरी ना पार बसावै खोल सुनादयूं सारी हे।।
1
बोली लागैं इसी गात मैं चलै जन जर्मन का पिस्तौल
हो बजर केसा जिया करना दिल होज्या मेरा डावांडोल
किस तरियां ये बात बताऊँ मेरी जबान हुई अनबोल
मनै जबर भय लागै ना तन पै मांस रहया बेबे
था थोड़ा ढेठ गात मैं कोण्या मेरे पास रहया बेबे
गुंडागर्दी के चलते कोण्या सुख का सांस रहया बेबे
इनै बातों की चर्चा करै कुएं की पणिहारी हे।
मेरी ना पार बसावै खोल सुनादयूं सारी हे।।
2
बने हांडें छैल गाभरू ना गल्त सही का हौंस जमा
शरीफ भी और ऊत लूँगाड़े हमपै पाकैं बोस जमा
बाहर लिकड़ना मुश्किल सै घरां बिठादी मोस जमा
सारी दुनिया मैं होग्या पापियों का यो पूरा जोर
गात बचाकै जीना होवै मची तबाही चारों और
थाणे मैं सुनते कोण्या अन्याय होरया घन घोर
समझ मैं आग्या गुंडागर्दी होंती जावै सरकारी हे।।
मेरी ना पार बसावै खोल सुनादयूं सारी हे।।
3
रोजाना की भुंडी बाणी म्हारी नाड़ तले नै गोगी
बेरा ना कद आंख खुलें क्यों या जनता सोगी
किस किस का जिकरा सबकी रे रे माटी होगी
गुंडे खुले घूमते रहैंगे या तो मेरे दिल मैं जरगी
आगै के गुल खिलेंगे कौनसी इतने ए मैं सरगी
घणी लुगाई दुखी होकै खा खा कै फांसी मरगी
जड़ गुंडा गर्दी की डूंगहै चोये के मैं जारी हे।
मेरी ना पार बसावै खोल सुनादयूं सारी हे।।
4
चोर जार ठग मौज उड़ावै देखे गरीब दुख भरते
गधे रंग रास मनावैं हिरन आज जंगलों मैं चरते
कैंडे आले मानस की मर फिरैं गुलामी करते
कहैं किस्मत की माया सै जमा म्हारी अक्ल मारी
मीडिया कर नाश रहया फ़िल्म ये तरकीब बतारी
रणबीर सिंह बनै निशाना सारी जागां या नारी हे।।
मेरी ना पार बसावै खोल सुनादयूं सारी हे।।

Monday, 18 March 2019

नासां अड़गी

के  फेर बी वोट द्योगे , इन झूठ  बेच कसाइयाँ तैं 
पांच साल मैं नासां अड़गी  ऐसी करी करतूत रै
पंदरा लाख के चक्कर मैं म्हारै या आयी कसूत रै 
कितने दुख और सहोगे न्यारे टलो भाजपाईयां  तैं || 
वोट के टेम पटा लिए हम फेर लिकडे ना जड़कै रै  
एक सुनी ना किसान की वो मरग्या भीतर बड़कै रै  
मोदी भक्त होरे सो उसनै लेना के पीड़ पराईयाँ तैं ॥ 
जनहित और इनेलो  इनमैं फरक सै मासे तोले का 
बक्कल तार बगादेंगे तेरे किसे मानस भोले का 
के खरी खरी ना कहोगे तम आज इन भाजपाईयां तैं ॥ 
सी पी एम् नै देख बरत या म्हणत कह की पार्टी सै 
और कोए ना भावै फेर या ऐसी रस की पार्टी सै 
फेर पूंजीपति तैं फहोगे बाख आपस की लड़ाईयां तैं ॥ 
शकुन्तला जाखड या म्हारे हक़ और दुःख नै जानै सै 
राजेश दलाल तून वोट दिए हिम्माती  नै जै पिछा नै सै 
बैरी तैं बदला ल्योगे थम मेल बढा कै भाइयाँ तैं ॥ 

खागी भाजपा

चूट चूट कै खागे हमनै.........

बारा बाट
 ईब होगे बारा बाट कसूते होती कितै सुनाई ना।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।
1
1 जिन सरमायेदारां नै गौरे झूठी चा पिलाया करते
जी हजूरी फितरत उनकी जमकै टहल बजाया करते
बड्डे चौधरी साँझ सबेरै ललकै पैर दबाया करते
राय साहब कोय सर की न्यों पदवी पाया करते
आज मालिक बने देश के समझी हमनै चतराई ना।।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।
2
कुल सौ बालक म्हारे देश के दो कालेज पढ़ण जावैं सैं
पेट भराई मिलै तीस नै सत्तर भूखे क्यों सो जावैं सैं
बिना नौकरी ये छोरे गाभरू आपस मैं नाड़ कटावैं सैं
काले जबर कानून बनाकै म्हारे होंठ सीमणा चाहवैं सैं
नब्बै की रेह रेह माटी देखी इसी तबाही ना।।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।.
3
बेकारी महंगाई गरीबी तो कई गुणा बढ़ती जावैं रै
जब हक मांगें कट्ठे होकै हमनै  देश द्रोही बतावैं  रै
ये भाजपा आले बाँटण नै नई नई अटकल ल्यावैं रै
म्हारी जूती सिर भी म्हारा न्यों म्हारा बेकूफ बणावैं रै
थोथा थोथा पिछोड़ दे सारा छाज इसी अपनाई ना ।।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।
4
इतनी मैं नहीं पार पड़ी दस नै जुल्मी खेल रचाया यो
नब्बै की कड़ तोड़न खातर तीनमुहा नाग बिठाया यो
निरा देसी साहूकारा लूटै एक फण इसा बनाया यो
दूजा फन थोड़ा छोटा उसपै बड्डा जमींदार टिकाया यो
तीजे फन अमरीका  बैठ्या जिसकी कोय लम्बाई ना।।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।.
इस तरियां इन लुटेरयां नै नब्बै हाथ न्यों बाँट दिए
लालच देकै सब जात्यां मैं अपने हिम्माती छांट लिए
उडारी क्यूकर भरै मैना धर्म की कैंची तैं पर काट दिए
हीर अर राँझयां बिचाळै देखो अखन्न काने डाट दिए
नब्बै आगै दस के करले इसकी नापी गहराई ना ।।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।
6
हजार भुजा की या व्यवस्था नहीं म्हारी समझ मैं आवै
एक हाथ तैं कड़ थेपड़ दे दूजे तैं गल घोटना चाहवै
करनी होगी जमकै पाले बंदी रणबीर बरोने मैं समझावै
नब्बै का जब डंका बाजै दस की ज्याण मरण मैं जावै
दस की पिछाण करे पाछै मुश्किल कति लड़ाई ना।।
चूट चूट कै खागी भाजपा मिलती कितै दवाई ना।

Friday, 8 March 2019

आज का माणस


आज का माणस किसा होग्या सारे सुणियो ध्यान लगाकै 
स्वार्थ का कोए उनमान नहीं देख्या ज़िब नजर घुमाकै
चाट बिना भैंस हरियाणे की दूध जमा ना देवै देखो
इसका दूध पी हरियाणवी खुबै ए रिश्वत लेवै देखो
भगवान इणनै सेहवै देखो यो बैठया घर मैं आकै।
और किसे की परवाह कोण्या अपने आप्पे मैं खोया
दूज्यां की खोज खबर ना हमेशा अपना रोना रोया
कमजोर कै ताकू चभोया बैठै ठाड्डे की गोदी जाकै।
दूसरयाँ नै ख़त्म करकै अपना व्यापर बढ़ावै देखो
चुगली चाटी डांडी मारै सारे हथकण्डे अपनावै देखो
दगाबाज मौज उड़ावै देखो चौड़ै सट्टे की बाजी लाकै।
मारो खाओ मौज उड़ाओ इस लाइन पै चाल पड़या
हाथ ना आवै जै आवै तो होवै रिश्वत कै तान खड़या
रणबीर सिंह नै छंद घड़या सच्चाई का पाळा पाकै।

खाई

खाई चौड़ी होंती आवै सै इसनै आज कौण पाटैगा।।
जनता का हाथ सही मैं इसनै आज कौण डाटैगा।।
1
घर घर मैं खाई बधगी बधगी पूरे समाज मैं
देशां के बीच की खाई ना बताते पूरे अंदाज मैं
अमरीका टॉप पै रहवन नै यो रंग न्यारे छांटैगा।।
जनता का हाथ सही मैं इसनै आज कौण डाटैगा।।
2
एक देश के भीतर भी कई ढाल की खाई दीखैं सैं
एक खरब पति बनरया दूजे भूखे पेट नै भींचैं सैं
शांति कड़े तैं आवैगी जब अमीर गरीब नै काटैगा।।
जनता का हाथ सही मैं इसनै आज कौण डाटैगा।।
3
लड़ाई बढ़ैगी इस तरियां इस विनास की राही पै
खाई पटज्या हो चलना इसे विकास की राही पै
ना तो पर्यावरण प्रदूषण म्हारा कालजा चाटैगा।।
जनता का हाथ सही मैं इसनै आज कौण डाटैगा।।
4
लोभ लालच और स्वार्थ घणी बधारे इस खाई नै
समाज गया रसातल मैं चौडै भाई मारै भाई नै
भाईचारा नहीं बच्या तो रणबीर धन नै के चाटैगा।।
जनता का हाथ सही मैं इसनै आज कौण डाटैगा।।

Thursday, 7 March 2019

सपना टूट गया


डॉक्टर बनूं पढ़ लिख कै यो मन का सपना मेरा।
मरीजां का इलाज करूंगी हो घर का दूर अन्धेरा।।
1. मां बाबू अनपढ़ म्हारे घणे लाड प्यार तैं पढ़ाई
  खेती मैं नहीं पूरा पाटै उल्टी सीधी ना कोए कमाई
  धरती गहणे धरकै पढ़े दो बाहण एक भाई
  मेहनत कर आगै बढ़िये मेरे तैं सीख सिखाई
  दो भैंस बांध दूध बेचैं करजे का बढ़ता आवै घेरा।।
2. भाई नै एम ए करकै बी नहीं कितै नौकरी थ्याई
  गाम मैं किरयाणे की फेर उसकी दुकान खुलाई
  बड्डी बाहण बीएड कर बैठी घर मैं बिन ब्याही
  मेरा पी एम टी टैस्ट मैं सत्तरहीं पोजीसन आई
  काउंसलिंग खातर गई उड़ै दिया दिखाई झेरा।।
3. ठारा हजार म्हिने की पहले साल की फीस बताई
  पसीना आया गात मैं धरती घूमती नजर आई
  आंख्यां मैं आंसूं आगे फेर मां की तरफ लखाई
  हाल क्यूकर ब्यां करूं मैं ना कलम मैं ताकत पाई
  अपने दलाल बिठारया सै दीख उडै़ वर्ग लुटेरा।।
4. फीस देण की आसंग कोण्या मन मारकै आगी फेर
  गाम मैं यकीन करैं ना बोले माच्या किसा अन्धेर
  इस
  सरकार मैं बैठे जितने ना कटावैं गरीबां की मेर
  रणबीर न्यों बूझै ये बालक क्यूकर पढ़ावै कमेरा।।

स्वास्थ्य दिवस


सेहत दिवस सात अप्रैल का दुनिया मैं जावै मनाया रै।।
विकास की गलत राही बीमारियां नै हाहाकार मचाया रै।।
1. तनाव बढ़े तरां-तरां के मानवता थरथर कांप रही
  खतरनाक हथियारां की दौड़ सबका बधा या ताप रही
  उद्योग करैं प्रदूषण पैदा बढ़ दिलां की चाप रही
  विकसित दुनिया उदारीकरण की क्यों माला या जाप रही
  अमरीका नै सब सूधे करण का आज पूरा ठेका ठाया रै।।
2. बीस देश दुनिया के छियासी प्रतिशत साधन लेरे रै
  मौज उड़ावै म्हारे दम पै न्यों भारत मैं गरीबी के डेरे रै
  तरां-तरां की ये बधैं बीमारी हम दुख घणा खेहरे रै
  उनके मुंह पै लाली चमकै म्हारे पीले पड़गे चहेरे रै
  हमनै कहवैं जनसंख्या बधाली ज्यां यो संकट छाया रै।।
3. म्हारे साधनां पै कर कमब्जा भारतवासी बणा दिये बोड़े रै
  उनकी लूट के कारण म्हारे देश के साधन पड़गे थोड़ै रै
  म्हारे देश के अमीर घराने आज बणगे इनके घोड़े रै
  भूख गरीबी जनसंख्या के भारत मैं ज्यां पड़गे भोड़े रै
  म्हारी सेहत अर शिक्षा का इननै भट्ठा कति बिठाया रै।।
4. पचास साल राज करया उननै गलत रास्ते पै डाल दिये
  मेहनत करी हम सबनै बंटवारे मैं घर घाल दिये
  अपणी खातर अपोलो म्हारे तै खैराती अस्पताल दिये
  दे कै लालच म्हारे बेटा बेटी अपणे रूखाले पाल दिये
  रणबीर म्हारी सेहत नहीं बणै यो इसा खेल रचाया रै।।

स्वास्थ्य ढांचा ---380----

मुनाफाखोर कम्पनियां नै यो स्वास्थ्य  ढांचा कब्जाया।।
पाणी बिकता खाणा महंगा यो प्रदूषण आज फ़ैलाया।।
1
सरकारी स्वास्थ्य सेवा ढावैं प्राईवेट नै बढ़ावा देवैं
जनता धक्के खा सरकारी मैं प्राईवेट घणे पीस्से लेवैं
दवा मशीन महंगी करदी गरीब मुश्किल तैं खेवैं
पीस्से आले की ज्याण बचै गरीब दुत्कार सेहवैं
बीमारियां का औड़ नहीं कदे डेंगू कदे स्वाइन फ्लू आया।।
पाणी बिकता खाणा महंगा यो प्रदूषण आज फ़ैलाया।।
2
एम्पेनलमेंट पै प्राईवेट का इलाज लेते कर्मचारी
बड़े अस्पतालों मैं जावै अफसरशाही या सारी
लाखों मैं इलाज हर्ट अटैक का बचै जेब जिसकी भारी
प्राइवेट बीमा कंपनी भी भ्रष्टाचार मैं धँसती जारी
घर फूंक तमाशा पड़ै देखना जै चाहते ज्याण बचाया।।
पाणी बिकता खाणा महंगा यो प्रदूषण आज फ़ैलाया।।
3
वातावरण प्रदूषण तैं बढ़ी कैंसर और दमा बीमारी
कीटनाशक बढे गात मैं जिंदगी मुश्किल होती जारी
झोला छाप दवा देसी ये बनी गरीब की लाचारी
ये आर एम पी डॉक्टर स्टीरायड खिलावैं भारी
घणे बढ़गे टोने टोटके बढ़ी अन्धविश्वास की माया।।
पाणी बिकता खाणा महंगा यो प्रदूषण आज फ़ैलाया।।
4
एक तरफ हैल्थ टूरिज्म दूजी तरफ झाड़ फूंक छाये
कितै कमी नर्सों की कितै ये डॉक्टर कम बताये
कितै कमी दवा की कितै औजार कम ल्या पाये
निजी अस्पताल रोज खुलैं ना कोये कानून बनाये
रणबीर सिंह मुनाफे नै म्हारी सेहत का धुम्मा ठाया।।
पाणी बिकता खाणा महंगा यो प्रदूषण आज फ़ैलाया।।

Thursday, 7 February 2019

चौधरी टीका राम

चौधरी टीका राम जी बारे एक रागनी
मंडोरा के रहणे आले चौधरी टीका राम सुण्या होगा ||
छोटूराम जमींदार स्कूल हरियाणे मैं नाम सुण्या होगा ||
1
दो बेटियों के बाबू नै सोनीपत मैं स्कूल खुलवाया कहते
करकै चंदा गाम गुहांड तैं यो स्कूल पूरा बनवाया कहते
घर तैं कड़ी पहुंचाई थी यो किस्सा आम सुण्या होगा ||
छोटूराम जमींदार स्कूल हरियाणे मैं नाम सुण्या होगा ||
2
छोटूराम जी के विचारों से वे प्रभावित बहोत बताये
उनकी पार्टी तैं एमएलए जनता नै टीकाराम बनाये
छोटूराम की जीवनी लिखी मामला तमाम सुण्या होगा ||
3
सादा सुभा बात के पक्के टीका राम जी बातये भाई
गामों मैं शिक्षा प्रचार के थे उणनै ये बीड़े ठाये भाई
दिन रात एक कर दिए ना किया आराम सुण्या होगा ||
4
स्कूल चलाकै दसवीं का शिक्षा छोटा सा पौध लगाया
छह शिक्षण संस्थाओँ  का वटवृक्ष सोनीपत मैं छाया
कहै रणबीर  नेता  सबका चौधरी छोटूराम सुण्या होगा ||