Tuesday, 17 May 2011
Saturday, 14 May 2011
Friday, 6 May 2011
AAJ KA SHIMLA
शिमला का ठंडा मौसम कद कौन इन्ने खाग्या
देख आज नजारा इसका मेरा जी दुःख पाग्या
पुराने रूख रहे ना पहलम सी बरफ नहीं
कैसे करूँ बडाई मैं मिलते मनाई हरफ नहीं
फैक्ट्री आगी कई जगह धूंआ चौगेर्दें छाग्या ||
मॉल की देख कई हालत जी दुःख पावै मेरा
सैर सपाटे करते मानस ना दीखे हँसता चेहरा
सादापन शिमला का इनकी गहन कौन लाग्या||
पूरे देश की शान धीरे धीरे या बिखरती जावै
सोच नहीं पाया क्यों पुरानी बात याद आवै
क्यूकर लोगों को इसका नया रंग रूप भाग्या||
यो गर्मी की राजधानी भारत की हुआ करता
शिमला का नाम जी नै राहत सी दिया करता
हाल आज का देख्या तो पुराना बख्त याद आग्या||
Sunday, 1 May 2011
MAHILA PATHSAALA
कीट नाशक कंपनी लूटती गलत बात बताती रिझाने को ||
कीट नाशक इस्तेमाल करो वे कहती कपास बचाने को ||
कीट नाशक दवाईयों से हानीकारक कीट मारे जाते हैं
लाभदायक कीट भी मरते हैं सच्चाई हमसे छिपाते है
महिला खेत पाठशाला में मिलते सही राह दिखाने को ||
लाभकारी कीटों की पहचान करनी सिखाई जाती है
हानिकारक कीटों को बताते हिमाती कीट कैसे खाती है
सबसे अलग रीत चलायी साधुवाद गाँव निड़ाने को ||
कीट नाशकों का गलत प्रभाव डाक्टर हमें बताते हैं
धीरे धीरे ये कीटनाशक शरीर में इकठ्ठे हो जाते हैं
कैंसर पेट दर्द अलर्जी की शरीर में बीमारी बढ़ाने को ||
कीटनाशक बिना निडाना में आज कपास उगाई जाती है
महिला किस्सान हुई चौकन्नी दुश्मन कीट हटाई जाती है
रणबीर सिंह देखना चाहता बढ़िया गीत बनाने को ||
कीट नाशक इस्तेमाल करो वे कहती कपास बचाने को ||
कीट नाशक दवाईयों से हानीकारक कीट मारे जाते हैं
लाभदायक कीट भी मरते हैं सच्चाई हमसे छिपाते है
महिला खेत पाठशाला में मिलते सही राह दिखाने को ||
लाभकारी कीटों की पहचान करनी सिखाई जाती है
हानिकारक कीटों को बताते हिमाती कीट कैसे खाती है
सबसे अलग रीत चलायी साधुवाद गाँव निड़ाने को ||
कीट नाशकों का गलत प्रभाव डाक्टर हमें बताते हैं
धीरे धीरे ये कीटनाशक शरीर में इकठ्ठे हो जाते हैं
कैंसर पेट दर्द अलर्जी की शरीर में बीमारी बढ़ाने को ||
कीटनाशक बिना निडाना में आज कपास उगाई जाती है
महिला किस्सान हुई चौकन्नी दुश्मन कीट हटाई जाती है
रणबीर सिंह देखना चाहता बढ़िया गीत बनाने को ||
Saturday, 30 April 2011
Friday, 29 April 2011
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