Saturday, 22 October 2011
Saturday, 9 July 2011
Friday, 10 June 2011
दारू पी कै
दारू पी कै
दारू पीकै पड्या रहवै साईं कुनबे का ताने ख्याल नहीं
कामचोरी और सीना जोरी टोकै किसे की मजाल नहीं
ताश खेलन तै फुर्सत ना साँझ नै दारू चाहिए सै
खाली बैठ्या खाट तोडै चुगली जी भर कै खाईये सै
बुरी नजर लाखईये सै भुन्ड़े मजाकां की टाल नहीं ||
झूठी गवाही दिया वै सै एक पव्वा साँझ नै पयादें
घनी करैं तो हलवा बना कै दो तीन बर ताने खवादें
पंग्या मैं तनै फंसवादें घर की कोए सम्भाल नहीं ||
जेब मैं कट्टा और मारुती धोले लत्ते पहर लिए
कब्जे कर लिए दो चार ढा कईयां पर कहर दिए
दिलां मैं घोल जहर दिए तेरे तैं बड्डा दलाल नहीं ||
चमचागिरी कर नेता की कै दिन काम चलै तेरा
इब्बी बखत सै लेले संभाला तनै देख दिल जले मेरा
क्यों कार्य दीवे तले अँधेरा रणबीर का सवाल yahi ||
ताश खेलना रैह्ग्या
ताश खेलना रैह्ग्या
काम धाम छोड़ दिए बस ताश खेलना रैह्ग्या
साँझ नै दारू पीकै काम छोरी छेड़ना रैह्ग्या
काम करना भूल गए बिहारी खेत करते भाई
भाई का भाई बैरी होग्या लड़ कट कै मरते भाई
माँ बाप तैं ना डरते भाई काम तान्ने पेलना रैह्ग्या ||
आडै बैठे उडै बैठे ये दिन पूरा करते हांड रहे
कोए इसके कोए उसके बन नेता के भांड रहे
कर कांड पै कांड रहे चुपचाप देखना रैह्ग्या ||
आज काल ख़त्म होंते जावें ये इंसानी रिश्ते सारे
गाम गाम मैं बढ़ी बदफेली ये हैवानी रिश्ते छारे
गाम नै सिर पै ठारे यो काम झूठ ठेलना रैह्ग्या ||
एहदी होगे बहोत घने बीरां की इब श्यामत आई
घन्खरी फिरें मारी मारी कुछ नै घरां की रेल बनाई
रणबीर की श्यामत आई कोल्हू मैं पेड़ना रैह्ग्या ||
kamisan
पति -- डाक्टर ने तुम्हें एक महीने के आराम के लिए लिए विदेश जाने को कहा है |
पत्नी--- तो क्या डाक्टरों ने दावा कम्पनीयों के साथ साथ ट्रेवल कम्पनीयों से भी कमीशन का धंधा शुरू कर लिया ?
पति- लगता तो ऐसा ही है |
पत्नी- अब हम कहाँ जा रहे हैं ?
पति- दूसरे डाक्टर के पास |
Wednesday, 8 June 2011
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