1
फातिमा शेख
संदेश सामाजिक सुधारों का फातिमा शेख नै जन जन तक पहुंचाया।।
पहली मुस्लिम महिला देश की जिसनै शिक्षा का अलख जगाया।।
1
नौ जनवरी ठारा सौ कतीस मैं महाराष्ट्र पुणे मैं जन्म लिया था
फातिमा के भाई उस्मान शेख नै ज्योतिबा फुले का साथ दिया था
फातिमा शेख नै सावित्री बाई फूले गेल्यां कदम तैं कदम मिलाया।।
2
दलित और पिछड़े वर्ग की बच्चियों की शुरू करी थी पढ़ाई
इसकी खातर ठारा सौ अड़तालिस मै पहले स्कूल की नीम धराई
गजब अथक प्रयास थे उनके गरीब वंचितों को पढ़ना लिखना सिखाया।।
3
उन्नीसवीं सदी का अंत और बीसवीं की शुरुआत का बख्त बताया
हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली मैं फातिमा हर नै कर यो कमाल दिखाया
समाज ठेकेदारों नै रोड़े अटकाये पर उननै नहीं पीछे कदम हटाया।।
4
विधवा विवाह और सती प्रथा इनके खिलाफ आवाज उठाई थी
बाल विवाह कै ऊपर भी जनता फातिमा हर नै बार बार समझाई थी
फातिमा हर को सलाम करने की खातर रणबीर नै कलम उठाया।।
2
अमीर गरीब की भारत मैं खाई बढ़ती जारी ।।
एक भूख का रोगी बताई दूजे ने कब्ज सतारी।।
1
पहला बीमार कहवै मेरा होता नहीं गुजारा
डेढ़ कमरे का मकान सै गाल मैं रहती गारा
कर्ज लेकै जिंदगी बीतै होरे बारा छह ठारा
बालकां की फीस पुगै ना मुश्किल डांगर नै चारा मैं आज फिरूं विपत का मारया सब तरियां लाचारी।।
2
खेत कमाऊं हांगा लाऊँ जमा ठाली फिरता कोन्या
मेरा एक किला बिक लिया कर्ज उतरता कोन्या या अन्न की बाँधी काया सै बिन खाए सरता कोन्या
छोरा हांडै पैर भिड़ान्ता कोये ब्याह करता कोन्या
कौन ईसा जो डरता कोन्या बेटी घरां कंवारी ।।
3
दूजा बीमार कहवै मेरै कब्ज रहवै सै बेमियादी उठया बैठया नहीं जावै जोर करै या बा बादी चलती हाणा पेट कै मनै या पड़ै बांधनी बाधी दमा होया कई साल तैं मेरी पूरी चूल हिलादी भोजन की होज्या बर्बादी खाणा पचना हो
भारी।।
4
एक कै रोग टोटे का दूजे कै धन की लागी
काई
एक नै तो खावण नै कोन्या दूजे की सै भूख गंवाई
अमीर गरीब की हम पाटाँ सोच समझ कै नै खाई
इसतैं न्यारी और नहीं इस जग में बताई कोए लड़ाई
रणबीर सिंह की कविताई न्यों जोखन घणी ठारी ।।
3
जिंदगी आंदोलन मैं लादी धन धन सै बसाऊ राम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
1
पन्दरा अगस्त तिहत्तर मैं बसाऊ दुनिया के मैं आया
दलित किसान परिवार मैं बसाऊ दुनिया के मैं आया
पन्दरा अगस्त तिहत्तर मैं कलौंदा का राह तनै पाया
क्यानवै मैं दस जमा दो का करया पास एग्जाम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
2
तिराणवै मैं जींद मैं करी साक्षरता मैं थी भागीदारी
नरवाना खण्ड के जथ्यां मैं करी थी बड़ी हिस्सेदारी
कमला महिपाल सांग बनाया तोड़े बेड़े बन्द तमाम तनै ।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
3
मेहनत करकै करी हासिल रागनी लिखने गाणे मैं तनै
गाम गाम जा कै अलख जगाई जींद सिमाणे मैं तनै
सामूहिकता अपनाई सांग मैं खुली छोडी लगाम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
4
किसान आंदोलन मैं टोल पै जमकै पाला थाम्या भाई
नई नई रागनी लिख टोल पै हांगा लाकै थामनै गाई
रणबीर करै तहे दिल तैं साथी बसाऊ सलाम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
4
जिंदगी आंदोलन मैं लादी धन धन सै बसाऊ राम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
1
पन्दरा अगस्त तिहत्तर मैं बसाऊ दुनिया के मैं आया
दलित किसान परिवार मैं बसाऊ दुनिया के मैं आया
पन्दरा अगस्त तिहत्तर मैं कलौंदा का राह तनै पाया
क्यानवै मैं दस जमा दो का करया पास एग्जाम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
2
तिराणवै मैं जींद मैं करी साक्षरता मैं थी भागीदारी
नरवाना खण्ड के जथ्यां मैं करी थी बड़ी हिस्सेदारी
कमला महिपाल सांग बनाया तोड़े बेड़े बन्द तमाम तनै ।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
3
मेहनत करकै करी हासिल रागनी लिखने गाणे मैं तनै
गाम गाम जा कै अलख जगाई जींद सिमाणे मैं तनै
सामूहिकता अपनाई सांग मैं खुली छोडी लगाम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
4
किसान आंदोलन मैं टोल पै जमकै पाला थाम्या भाई
नई नई रागनी लिख टोल पै हांगा लाकै थामनै गाई
रणबीर सत्याइस मई इक्कीस आखिरी बसाऊ सलाम तनै।।
ज्ञान विज्ञान आंदोलन का शत शत सै प्रणाम तनै।।
5
आपा धापी देश मैं
या घनी आपाधापी मचाई देश के इन ठेकेदाराँ ने ॥
सारे रिकार्ड तोड़ बगाये धन के लालची साहूकारां नै ।।
1
विकास राही माणस खाणी इनै रोजगार घटाया सै
महिला जमा बाहर राखी इसा महाघोर मचाया सै
बाबू बेटा ज्यानी दुश्मन बहु सास मैं जंग कराया सै
बुढ़यां की कदर कड़ै जिब जवानां का मोर नचाया सै
माणसे तैं हैवान बणा दिये सभ्यता के थानेदाराँ नै ।।
2
इसा विकास नाश करैगा म्हारा या बात क्यों
जरती ना
गरीब अमीर की या खाई आज दुनिया में भरती ना
चारों कान्ही माफिया बधगे या बुराई आज हरती ना
अच्छाई पै हमला इनका फेर बी कदे या मरती ना
बदेशी कम्पनी छागी छूट दे राखी राज दरबाराँ नै।।
3
अमेरीका दादा पाक गया सारे कै आतंक मचाया सै
सद्दाम हुसैन साहमी बोल्या इराक पढ़ण बिठाया सै
यूगोस्लाविया पै बम्ब गैरे यो कति ना शरमाया सै
तीसरी दुनिया चूस लई भारत में जाल बिछाया सै
बदेशी अर देशी डाकू सिए पै चढ़ाये सरकारां नै।।
4
उल्टी राही चला दई म्हघर देश की जनता किसनै रै
सोच समझ कै बेरा पाड़ां देश तै भजावां
उसनै रै
इस विकास राही नै बदलाँ मोर बणाया सै जिसनै रै
रणबीर इसा विकास हो जो मेटै सबकी ए तिसनै रै
दीन जहान तै खो देगी या जनता इसे बदकाराँ ने ॥
6
पायरिला बीमारी
सन छत्तीस का जिकर सुणो पायरिला बीमारी आगी रै ॥
ईंख की सारी की सारी फसल कसूती तरियां खागी रै ॥
1
गंडे तै गुड़ नहीं बन पाया कोडियां के दाम बिक्या राला
किसानों मैं हा हा कार माचगी होया कुन्बे की ज्यान का गाला
आगले साल गंडा बोया ना दिल मैं भय की छाया छागी रै॥
2
बरबादी मैं कसर रही ना इलाके मैं हाहा कार मच्या
अड़तीस उत्तालिस मैं अकाल नै ताण्डव आण
रच्या
स्कूल कालेज बी बन्द होगे थे चोट घणी कसूती लागी रै॥
3
खराब खेती अकाल कारण भूख मरे थे किसान सारे
बे जमीन्याँ की बुरी हालत फिरते दिन रात म
मारे मारे
पते पेड़ों के पशु ख़ाँवंते खूंटे तड़वा कै गादड़ी भागी रे ॥
4
देश स्तर पै आजादी की जंग अपना जोर पकड़ री थी
दूसरे महा युद्ध की आशंका दुनिया नै जकड़
री थी
लिखै रणबीर बरोनिमा इन बखतां की रागनी सागी रै।
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